




ऋषिकेश: देवभूमि उत्तराखंड के चम्पावत जिले में एक 16 वर्षीय नाबालिग के साथ भाजपा मंडल उपाध्यक्ष द्वारा कथित सामूहिक बलात्कार की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस जघन्य अपराध के खिलाफ आज ऋषिकेश में भी भारी आक्रोश देखने को मिला। NSUI और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कोयल घाटी पर एकत्रित होकर भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
“रक्षक ही बने भक्षक” – हिमांशु जाटव
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे NSUI के महानगर अध्यक्ष हिमांशु जाटव और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरव राणा ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। जाटव ने कहा कि उत्तराखंड में बेटियों की सुरक्षा अब पूरी तरह “भगवान भरोसे” है। उन्होंने सत्ता पक्ष को घेरते हुए कहा:
”जब सत्ता से जुड़े प्रभावशाली लोग ही रक्षक की जगह भक्षक बन जाएंगे, तो आम जनता न्याय की उम्मीद किससे करेगी? यदि अंकिता भंडारी मामले में सरकार ने समय रहते ठोस कार्रवाई की होती, तो आज चम्पावत जैसी हृदयविदारक घटना देखने को न मिलती।”
उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
युवा कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष रवि थापा और महानगर अध्यक्ष हिमांशु कश्यप ने आरोप लगाया कि सरकार केवल खोखली बयानबाजी कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत में महिलाएं असुरक्षित हैं। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि:
- दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए।
- मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच सुनिश्चित हो।
- यदि न्याय में देरी हुई, तो संगठन पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन छेड़ने के लिए विवश होगा।
देवभूमि में आक्रोश की लहर
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। इस दौरान बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने एक सुर में पीड़िता के लिए न्याय की मांग की। चम्पावत की इस घटना ने पूरे राज्य में राजनीतिक और सामाजिक माहौल को गरमा दिया है, और ऋषिकेश में हुआ यह प्रदर्शन उसी जन-आक्रोश का एक हिस्सा है।

