ऋषिकेश: आगामी कांवड़ यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए ऋषिकेश विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने अपने कैंप कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्य रूप से कांवड़ियों की सुरक्षा और उनके लिए की जा रही व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
कांवड़ियों की सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष ध्यान
समीक्षा बैठक के दौरान विधायक प्रेमचंद अग्रवाल का पूरा ध्यान कांवड़ियों की सुरक्षा और सहूलियत पर रहा। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ियों के साथ हमेशा मधुर और सहयोगात्मक व्यवहार रखा जाए।
यात्रा मार्गों पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए उन्होंने निम्नलिखित निर्देश दिए:
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साफ-सफाई एवं जल निकासी: कांवड़ यात्रा मार्गों पर स्वच्छता बनाए रखने और जल भराव रोकने के लिए जल निकासी के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
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पथ प्रकाश व आपातकालीन सेवाएं: पूरे मार्ग पर पथ प्रकाश (स्ट्रीट लाइट्स) की समुचित व्यवस्था हो। साथ ही किसी भी अप्रिय घटना या स्थिति से निपटने के लिए क्रेन और एंबुलेंस को हर समय अलर्ट मोड पर रखा जाए।
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पुष्प वर्षा से स्वागत: उन्होंने बताया कि सावन का महीना शुरू होते ही कांवड़ियों का पुष्प वर्षा के साथ भव्य स्वागत किया जाएगा।
लापरवाही पर चेतावनी: विधायक ने कड़े शब्दों में कहा कि कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर अधिकारियों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासन की तैयारी: कंट्रोल रूम और 24×7 अलर्ट
बैठक में उपस्थित उपजिलाधिकारी (SDM) कुमकुम जोशी ने विधायक को आश्वस्त करते हुए बताया कि:
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किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कोतवाली में कंट्रोल रूम स्थापित कर शुरू कर दिया गया है।
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सभी विभागीय अधिकारियों को अपने मोबाइल फोन 24 घंटे ऑन रखने और हर कॉल पर तुरंत एक्शन लेने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
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सभी अधिकारियों ने विधायक को विश्वास दिलाया कि कांवड़ यात्रा के दौरान व्यवस्था में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
बैठक में मौजूद प्रमुख अधिकारी
इस समीक्षा बैठक में प्रशासन, पुलिस, परिवहन, बिजली और जल संस्थान के कई प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें:
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प्रशासनिक अधिकारी: तहसीलदार प्रदीप नेगी, नगर आयुक्त विजय नाथ शुक्ला, SDM कुमकुम जोशी
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पुलिस व यातायात: रायवाला कोतवाल कमल कुमार, ऋषिकेश एसएसआई नवीन जोशी, ट्रैफिक इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार, आरटीओ रश्मि पंत
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विभागीय अधिकारी: यूपीसीएल के अधिशासी अभियंता शक्ति प्रसाद, जल संस्थान के एसडीओ अरुण विक्रम सिंह रावत एवं अन्य अधिकारी शामिल थे।

