




ऋषिकेश: मुनिकीरेती थाना क्षेत्र के अंतर्गत तपोवन स्थित नीम बीच पर सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गंगा के तेज बहाव में बहे एक पर्यटक को मुनिकीरेती पुलिस और आपदा राहत दल (SDRF) की तत्परता के कारण सकुशल बचा लिया गया है।
क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र के पुणे से तीन दोस्त घूमने के लिए तपोवन क्षेत्र में आए थे। भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए तीनों दोस्त नीम बीच पर गंगा स्नान करने के लिए उतरे। इसी दौरान, गंगा के अचानक बढ़े जलस्तर और लहरों के तेज बहाव के कारण उनमें से एक युवक, जिसकी पहचान नितेश साह के रूप में हुई है, अपना संतुलन खो बैठा और गहरे पानी में बहने लगा।
मदद के लिए मची चीख-पुकार
युवक को डूबता देख घाट पर मौजूद अन्य पर्यटकों और उसके दोस्तों में अफरा-तफरी मच गई और उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर वहां सुरक्षा के लिए तैनात आपदा राहत दल के जवान तुरंत सक्रिय हो गए।
साहस और मुस्तैदी का परिचय मुनिकीरेती के इंस्पेक्टर प्रदीप चौहान ने बताया कि घाट पर तैनात आपदा राहत दल ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने अपनी जान जोखिम में डालकर गंगा की उफनती लहरों के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में आपदा राहत दल के राजेश नेगी, सुनील चौहान, सतवीर बिष्ट और मोहित गुसाईं की भूमिका सराहनीय रही। उनकी तत्परता ने एक हंसते-खेलते परिवार को बड़ी त्रासदी से बचा लिया। पुलिस ने पर्यटकों से अपील की है कि गंगा के जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतें और गहरे पानी या प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से बचें।

