




ऋषिकेश। ऋषिकेश पुलिस ने ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) ऋषिकेश के आवासीय परिसर और गुजरात के राजकोट में हुई लाखों रुपये की हाई-प्रोफाइल चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए एक शातिर अंतर्राज्यीय चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से करीब 50 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण, चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और फर्जी आधार कार्ड बरामद किए हैं।
बीमारी का बहाना बनाकर करता था रैकी
मामले का खुलासा करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र डोबल ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी मंडलपु शिवा अंजनेयुलु (निवासी गुंटूर, आंध्र प्रदेश) एक बेहद शातिर और पेशेवर अपराधी है। आरोपी का चोरी करने का तरीका काफी अनोखा था; वह बीमारी का बहाना बनाकर बड़े अस्पताल परिसरों में घूमता था और वहां बने बंद कर्मचारियों/डॉक्टरों के आवासों की रैकी करता था। मौका मिलते ही वह ताले तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम देकर फरार हो जाता था।
पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल
पुलिस से बचने और अपनी पहचान छुपाने के लिए आरोपी ने अलग-अलग नामों से फर्जी आधार कार्ड बनवा रखे थे। चोरी की वारदात को अंजाम देने से पहले वह स्थानीय होटलों और धर्मशालाओं में ठहरने के लिए इन्हीं फर्जी आधार कार्डों का इस्तेमाल करता था। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी पहले भी आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा और गुंटूर में चोरी के संगीन मामलों में जेल जा चुका है।
भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवर बरामद
पुलिस ने आरोपी के पास से ऋषिकेश और राजकोट चोरी से संबंधित निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
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ऋषिकेश चोरी से संबंधित: गढ़वाली नथ, सोने का हार, 2 मंगलसूत्र, मांगटीका, सोने की अंगूठियां, चांदी की पायल, बिछुए, ताला तोड़ने का पेचकस और [फर्जी आधार कार्ड Redacted]।
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राजकोट चोरी से संबंधित: 4 सोने की अंगूठियां, चेन मय पेंडेंट, सोने का हार, कंगन, ब्रैसलेट और चांदी के अन्य आभूषण।
पुलिस फिलहाल आरोपी के अन्य आपराधिक इतिहास और फर्जी दस्तावेज बनाने वाले नेटवर्क के संबंध में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

