




ऋषिकेश: दिल्ली की व्यस्त सड़कों और घंटों के थकाऊ सफर से निकलकर देवभूमि उत्तराखंड की शांत वादियों और ऋषिकेश के पावन गंगा तट तक पहुंचना अब बेहद आसान और त्वरित होने जा रहा है। देश की पहली रीजनल रैपिड रेल ‘नमो भारत’ का विस्तार अब दिल्ली-मेरठ मार्ग से आगे बढ़ाते हुए सीधे ऋषिकेश तक करने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए भारत सरकार ने ₹4 करोड़ की धनराशि जारी कर दी है।
समय की होगी भारी बचत
वर्तमान में दिल्ली से ऋषिकेश का सफर तय करने में काफी समय बीत जाता है:
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सड़क मार्ग: लगभग 6 घंटे
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पैसेंजर ट्रेन: 6 से 7 घंटे
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एक्सप्रेस ट्रेन: कम से कम 4 घंटे
हालांकि, 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली ‘नमो भारत’ ट्रेन के शुरू हो जाने के बाद यह सफर सिमटकर महज 2.5 घंटे का रह जाएगा।
पर्यटन और स्थानीय लोगों के लिए वरदान
यह बड़ा बदलाव न केवल रोजाना आने-जाने वाले नौकरीपेशा लोगों और छात्रों के लिए एक बड़ा वरदान साबित होगा, बल्कि उत्तराखंड में आध्यात्मिक और एडवेंचर टूरिज्म (साहसिक पर्यटन) को भी एक नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
6 महीने में पूरी होगी DPR
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) को इस रूट की डीपीआर (DPR) तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया है। एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स के अनुसार, अगले 6 महीनों के भीतर सर्वे और डीपीआर का काम पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
राजनीतिक प्रयास लाए रंग
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष इस विस्तार का प्रस्ताव रखा था। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा मंत्री कपिल देव ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जरिए इस रूट को मुजफ्फरनगर तक विस्तारित करने की सिफारिश की थी।

