देहरादून, 15 अक्टूबर: उत्तराखंड सरकार की महिला सशक्तिकरण एवं खेल मंत्री रेखा आर्य की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें देहरादून के द्वारिका चौक स्थित कृष्णा मेडिकल (KMC) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, सीने में दर्द और ब्लड प्रेशर बढ़ने की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल लाया गया, जहां ईसीजी (ECG) में मामूली दिक्कत पाई गई है। फिलहाल हृदय रोग विशेषज्ञ उनकी निगरानी कर रहे हैं और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
पति के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज
यह घटना ठीक उसी दिन सामने आई जब मंत्री रेखा आर्य ने अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ देहरादून के कैंट थाने में संगीन धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई है।
पुलिस ने इस मामले में आईपीसी और एससी/एसटी एक्ट की कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है:
-
धारा 495: पहली शादी की बात छिपाकर धोखाधड़ी से दूसरा विवाह करना।
-
अन्य गंभीर धाराएं: 120-B (साजिश), 323 (मारपीट), 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471 (फर्जी दस्तावेज), 498-A (पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता), 504, 506 (जान से मारने की धमकी) और एससी-स्ट एक्ट (SC/ST Act)।
एफआईआर में लगाए गए 10 प्रमुख और गंभीर आरोप
मंत्री रेखा आर्य द्वारा दी गई तहरीर में पति पर कई बड़े और गंभीर आरोप लगाए गए हैं:
-
पहली शादी छुपाना: वर्ष 2004 में शादी के समय पति द्वारा अपनी पहली शादी की बात छिपाना और पहली पत्नी से बच्चे होने की बात को छुपाए रखना।
-
अवैध संबंध और मारपीट: अन्य महिलाओं के साथ अवैध संबंध रखना और इसका विरोध करने पर मारपीट व गाली-गलौज करना।
-
जातिसूचक अपमान: सरकारी आवास में स्टाफ के सामने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित करना, जिसके चलते एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट की धाराएं जोड़ी गई हैं।
-
फर्जीवाड़े से पद से हटाना: जाली हस्ताक्षर और कूटरचित (फर्जी) दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उन्हें कंपनी के डायरेक्टर पद से हटा देना।
-
हत्या की साजिश: जान से मारने की धमकी देना और एक कथित ऑडियो का हवाला दिया गया है जिसमें पति किसी अन्य महिला से उनकी हत्या की साजिश रच रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ रोते हुए वीडियो
एफआईआर दर्ज होने के बाद मंत्री रेखा आर्य का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह भावुक नजर आ रही हैं। वीडियो में उन्होंने संदेश दिया कि “महिला चाहे आम हो या खास, घरेलू अत्याचार नहीं सहना है, उसे कहना है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने यह कड़ा कदम अपनी और अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए उठाया है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों में भारी हलचल और चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

