




ऋषिकेश। गौ सेवा, राष्ट्रभक्ति और सनातन संस्कृति के प्रति अटूट श्रद्धा का एक ऐसा अनोखा उदाहरण सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरत में डाल दिया है। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के रहने वाले 23 वर्षीय युवा योग और कराटे शिक्षक अजय यादव हाथ में तिरंगा थामे 800 किलोमीटर की लंबी दौड़ पूरी कर तीर्थनगरी ऋषिकेश पहुंचे हैं। उनकी इस साहसिक और निस्वार्थ मुहिम की हर तरफ जमकर सराहना हो रही है।
ऋषिकेश में हुआ भव्य स्वागत
ऋषिकेश पहुंचने पर नगर निगम के मेयर शंभु पासवान और स्थानीय निवासियों ने अजय यादव और उनके साथ आई 5 सदस्यीय टीम का जोरदार स्वागत किया। मेयर ने उनके इस जज्बे को सलाम करते हुए युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बताया। ऋषिकेश पहुंचे अजय ने अपनी इस मुहिम के बारे में बात करते हुए कहा, “यह मेरी पहली केदारनाथ यात्रा है। आजमगढ़ से ऋषिकेश तक का 800 किलोमीटर का पहला पड़ाव पूरा हो चुका है। अब यहां से बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए आगे बढ़ रहा हूँ, जिसमें लगभग 7 दिन का समय और लगेगा।”
स्वर्गीय राजीव दीक्षित के विचारों से मिली प्रेरणा
जयपुरिया स्कूल आजमगढ़ में योग और कराटे के शिक्षक के रूप में कार्यरत अजय यादव ने बताया कि साल 2024 में उन्होंने प्रखर वक्ता स्वर्गीय राजीव दीक्षित जी के वीडियो देखे थे। उनके विचारों से प्रेरित होकर ही उन्होंने ‘गाय माता को राष्ट्र माता का दर्जा’ दिलाने का संकल्प लिया। अपनी इस मांग को लेकर वे आजमगढ़ में दो बार जिलाधिकारी (DM) के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भी भेज चुके हैं।
18 मई को शुरू हुआ था सफर, लक्ष्य है तीन बार यात्रा
अजय ने अपनी इस कठिन यात्रा की शुरुआत 18 मई को आजमगढ़ से दौड़ते हुए की थी और 25 तारीख को ऋषिकेश पहुंचकर अपना पहला पड़ाव पार किया। इस पूरी यात्रा में 5 लोगों की टीम लगातार उनके साथ चल रही है और उनका हौसला बढ़ा रही है।
अजय का यह संकल्प सिर्फ यहीं रुकने वाला नहीं है। उनका लक्ष्य इस पावन धाम की तीन बार यात्रा करने का है। आगामी 10 जुलाई को अजय अपना 24वां जन्मदिन मनाने जा रहे हैं, और उनके इस अद्वितीय हौसले को देखकर स्थानीय लोग उन्हें युवाओं के लिए एक सच्चा रोल मॉडल मान रहे हैं।

