हरिद्वार (विशेष संवाददाता):
विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) श्री ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में ’20 सूत्रीय कार्यक्रम’ तथा ‘विकसित भारत विकसित उत्तराखंड विजन 2047’ को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने 20 सूत्रीय कार्यक्रम के तहत अगस्त 2026 की मासिक प्रगति रिपोर्ट की विभागवार समीक्षा की। जिन विभागों एवं योजनाओं में प्रदर्शन कमजोर रहा और ‘बी’, ‘सी’ अथवा ‘डी’ श्रेणी प्राप्त हुई, उन पर CDO ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने मुख्य रूप से जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM), PMGSY और जल जीवन मिशन से जुड़े अधिकारियों को आगामी माह में प्रगति में सुधार लाते हुए श्रेणी बेहतर करने के कड़े निर्देश दिए।
विजन 2047 के लिए बनेगी त्रिस्तरीय कार्य योजना
‘विकसित भारत विकसित उत्तराखंड विजन 2047’ के तहत जनपद स्तरीय रोडमैप तैयार करने पर विस्तृत चर्चा हुई। CDO श्री ललित नारायण मिश्र ने जानकारी दी कि अक्टूबर 2026 के द्वितीय या तृतीय सप्ताह में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
इस कार्यशाला में वर्ष 2047 तक विकसित उत्तराखंड के लक्ष्य को हासिल करने के लिए गहन विचार-विमर्श होगा। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने विभाग की योजनाओं का SWOT विश्लेषण (ताकत, कमजोरी, अवसर और चुनौतियां) करते हुए बिंदुवार रिपोर्ट तैयार करें। इसके साथ ही विभागों को:
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लघुकालिक (Short-term)
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मध्यकालिक (Mid-term)
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दीर्घकालिक (Long-term)
कार्य योजनाएं (Action Plans) तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, अपर सांख्यिकी अधिकारी, उप वन संरक्षक, पेयजल निगम व जल संस्थान के अधिशासी अभियंता, सहायक निदेशक (मत्स्य), सहायक नगर आयुक्त (नगर निगम रुड़की), मुख्य कृषि अधिकारी, परियोजना अधिकारी (उरेडा) तथा स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा अधिकारियों समेत विभिन्न जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

