ऋषिकेश से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ सीमा डेंटल कॉलेज के पास स्थित डोमिनोज स्टोर के प्रबंधन पर कर्मचारियों का उत्पीड़न करने और अन्यायपूर्ण तरीके से नौकरी से निकालने के गंभीर आरोप लगे हैं।
मामले में पीड़ित कर्मचारी देवेंद्र कुमार समेत 10 सहयोगियों ने श्रम प्रवर्तन अधिकारी (Labor Enforcement Officer) को लिखित शिकायत सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
क्या है पूरा मामला?
कर्मचारियों द्वारा सौंपे गए शिकायत पत्र के अनुसार, हाल ही में स्टोर में हुए NSF (National Sanitation Foundation) ऑडिट के दौरान कुछ एक्सपायरी (समयावधि पार) सामान पाया गया था।
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नाइट स्टोर इनचार्ज की लापरवाही: कर्मचारियों का आरोप है कि ऑडिट में एक्सपायरी सामान पकड़े जाने की मुख्य वजह नाइट स्टोर इनचार्ज की लापरवाही थी। इस लापरवाही के सामने आने के बाद उक्त इनचार्ज को नौकरी से हटा दिया गया था।
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दोष मढ़ने का दबाव: इसके बाद जब मॉर्निंग शिफ्ट में दोबारा ऑडिट प्रक्रिया हुई, तो प्रबंधन द्वारा टीम मेंबर्स पर ज़बरदस्ती यह लिखित बयान देने का दबाव बनाया गया कि ऑडिट में हुई गलती उनकी (टीम मेंबर्स की) थी।
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विरोध करने पर नौकरी से निकाला: कर्मचारियों का कहना है कि जब उन्होंने किसी और की लापरवाही का दोष अपने सिर लेने से साफ इनकार कर दिया, तो प्रबंधन ने उन्हें बिना किसी जायज कारण के स्टोर से बाहर का रास्ता दिखा दिया।
क्लस्टर मैनेजर की भूमिका और धमकियों का आरोप
पीड़ित कर्मचारियों ने इस पूरे घटनाक्रम में डोमिनोज के क्लस्टर मैनेजर पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि क्लस्टर मैनेजर इस पूरे मामले में निष्पक्ष जाँच करने के बजाय स्टोर प्रबंधन का खुलकर बचाव और समर्थन कर रहे हैं।
इसके अलावा, कर्मचारियों ने यह भी दावा किया है कि उन्हें प्रबंधन द्वारा खुलेआम धमकियाँ दी जा रही हैं कि उन्हें पूरे ऋषिकेश क्षेत्र में कहीं भी दूसरी नौकरी नहीं करने दी जाएगी।
कर्मचारियों की माँग
न्याय की गुहार लगाते हुए कर्मचारियों ने सवाल उठाया है कि * “एक साथ 10 टीम मेंबर्स कैसे गलत हो सकते हैं?”* पीड़ित कर्मचारियों का दावा है कि उनके पास अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। उन्होंने श्रम विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच करने और प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें न्याय दिलाने की माँग की है।

