




ऋषिकेश। नीलकंठ महादेव की कांवड़ यात्रा के बीच ऋषिकेश में रविवार को यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराती हुई नजर आई। पुलिस की नाकेबंदी और यातायात व्यवस्थाओं को धता बताते हुए बड़ी संख्या में कांवड़िये दुपहिया वाहनों के साथ शहर के अंदर दाखिल हो गए। देखते ही देखते शहर की प्रमुख सड़कें और चौक-चौराहे कांवड़ियों के वाहनों से पैक हो गए।

नटराज चौक, चंद्रभागा पुल, मुनिकीरेती और लक्ष्मण झूला क्षेत्र में हालात सबसे ज्यादा खराब दिखाई दिए। कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे। संकरी सड़कों और वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण यातायात को सामान्य करने में पुलिसकर्मियों को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
जाम के बीच चंद्रभागा पुल पर एक एंबुलेंस भी फंस गई, जिसके कारण मरीज को लेकर जा रहे वाहन को आगे निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा। एंबुलेंस के जाम में फंसने की तस्वीरें यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े करती नजर आईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आपातकालीन वाहनों के लिए भी जाम में रास्ता बनाना मुश्किल हो गया है।
वहीं, कांवड़ियों के दुपहिया वाहनों से निकल रही तेज आवाज और लगातार बज रहे प्रेशर हॉर्न ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। कई जगहों पर साइलेंसर की तेज आवाज और हॉर्न के कारण जबरदस्त ध्वनि प्रदूषण देखने को मिला। स्थानीय लोगों का कहना है कि भीड़ और जाम के साथ तेज आवाज ने गर्मी में उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
भीषण गर्मी के बीच घंटों जाम में फंसे स्थानीय लोग पसीने से बेहाल नजर आए। चौक-चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मी यातायात को नियंत्रित करने का प्रयास करते दिखाई दिए, लेकिन वाहनों की भारी संख्या, सड़क की सीमित चौड़ाई और कांवड़ियों की लगातार शहर में आवाजाही के कारण जाम खुलवाने में काफी परेशानी हुई।
फिलहाल नटराज चौक से लेकर चंद्रभागा पुल और मुनिकीरेती से लक्ष्मण झूला क्षेत्र तक यातायात की रफ्तार बेहद धीमी बनी हुई है। कांवड़ यात्रा के बीच शहर में बिगड़ी यातायात व्यवस्था ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं के सामने भी बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

