




ऋषिकेश के निकट मुनिकीरेती से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है।
14 बीघा पुल के पास बंदे वाली रोड पर एक दुकान के अंदर कथित तौर पर चल रहे अवैध शराब के मिनी ठेके का भंडाफोड़ हुआ है। खास बात यह है कि इस कार्रवाई का खुलासा पुलिस ने नहीं, बल्कि नगर पालिका अध्यक्ष नीलम बिजल्वाण और क्षेत्र की 
महिलाओं ने जब दुकान के अंदर पहुंचकर जांच की तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। दुकान के भीतर एक-दो नहीं, बल्कि दर्जन भर के करीब अंग्रेजी और देसी शराब की पेटियां रखी मिलीं।
भारी मात्रा में शराब मिलने के बाद महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। महिलाओं ने मौके पर ही शराब को नष्ट करना शुरू कर दिया और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शराब को कब्जे में लिया। वरिष्ठ उप निरीक्षक योगेश पांडे के मुताबिक, महिलाओं द्वारा मौके पर काफी शराब नष्ट कर दी गई, जबकि करीब तीन पेटी शराब पुलिस ने कब्जे में ली है। पुलिस का कहना है कि संबंधित दुकान संचालक के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
लेकिन इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल नगर पालिका अध्यक्ष के आरोपों से खड़ा होता है। पालिका अध्यक्ष का दावा है कि क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री को लेकर पुलिस को लगातार शिकायतें और सूचनाएं दी जा रही थीं, बावजूद इसके समय रहते कार्रवाई नहीं की गई।
अब सवाल यह है कि अगर शिकायतें पहले से मिल रही थीं तो पुलिस ने कार्रवाई क्यों नहीं की?
क्या दुकान में लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार चल रहा था?
क्या जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं थी या फिर शिकायतों को नजरअंदाज किया गया?
हालांकि पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और इस मामले में भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल इस पूरे मामले ने मुनिकीरेती में अवैध शराब की बिक्री और पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच के बाद इस मामले में किन लोगों की भूमिका सामने आती है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।

