ऋषिकेश: आगामी कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुगम और सुरक्षित संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। ऋषिकेश स्थित डिग्री कॉलेज में जनपद देहरादून के ऋषिकेश, जनपद टिहरी के मुनि की रेती और जनपद पौड़ी के लक्ष्मण झूला थाना क्षेत्र के तहत तैनात पुलिस बल की एक संयुक्त ब्रीफिंग आयोजित की गई।
ब्रीफिंग के बाद एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) वी. मुरुगेशन ने सुरक्षा तैयारियों की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए कहा कि पुलिस का प्राथमिक उद्देश्य पड़ोसी राज्यों से आने वाले कांवड़ियों की यात्रा को नियमों के तहत सुरक्षित और सकुशल बनाना है। इसके साथ ही इस बात पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा कि यात्रा के दौरान स्थानीय नागरिकों को किसी तरह की असुविधा न हो।
सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की प्रमुख बातें:
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नोडल अधिकारी: एसपी जया बलूनी को कांवड़ मेले का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
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विशेष बल: मेले की सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस के साथ-साथ आईटीबीपी (ITBP), एसडीआरएफ (SDRF) और डॉग स्क्वायड की टीम तैनात रहेगी। संवेदनशील इलाकों और पार्किंग स्थलों पर अलग से ड्यूटी लगाई गई है।
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यातायात और मार्ग व्यवस्था:
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बड़े वाहन: हरिद्वार की ओर से आने वाले कांवड़ियों के वाहनों को आईडीपीएल (IDPL) पार्किंग में पार्क कराया जाएगा, जहाँ से श्रद्धालु पैदल नीलकंठ जा सकेंगे।
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छोटे वाहन: छोटे वाहनों को नटराज चौक, भद्रकाली और गरुड़ चट्टी पुल के रास्ते नीलकंठ भेजा जाएगा तथा उनकी वापसी बैराज-चीला मार्ग से होगी।
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पैदल मार्ग: पैदल चलने वाले कांवड़ियों को बजरंग सेतु के रास्ते नीलकंठ भेजा जाएगा और उनकी वापसी जानकी सेतु से कराई जाएगी।
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साइबर निगरानी: अफवाह फैलाने वालों पर नज़र रखने के लिए साइबर सेल को एक्टिव कर दिया गया है।
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ड्यूटी पर रील बनाने पर सख्त प्रतिबंध
प्रशासन ने स्पष्ट आदेश जारी किया है कि ऑन-ड्यूटी कोई भी पुलिसकर्मी सोशल मीडिया के लिए रील नहीं बनाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मियों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
ब्रीफिंग के दौरान आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, डीआईजी धीरेंद्र गुंज्याल, एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल, एसएसपी श्वेता चौबे और एसएसपी सर्वेश पंवार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को कांवड़ियों के साथ विनम्र और मधुर व्यवहार बनाए रखने के निर्देश दिए।

